भविष्य कोई रहस्य नहीं

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भारत में भविष्य बताने का व्यापार बहुत ही धनदायक है. हाथों की रेखाएँ, चेहरे की रेखाएँ, माथे पर लिखी गई कोई अदृश्य लेख, या कोई काग़ज़ का टुकड़ा जो हमारे जन्म का समय और आसमान में ग्रह के स्थिती के आधार पर बनाये जाता है. हम हर कोई बड़ा कार्य करने से पहले, हमारे ज्योतिष से उनकी राय माँगते हैं, ताकि हम अपने ग्रह को क्रोधित न करें.

ज्योतिषों को हमारे यहाँ बहुत माना जाता है. वे हमारी कुंडली बनाते हैं और यही कुंडली हमारे जीवन का सार बन जाता है. जब शादी का रिश्ता लेकर कोई आता है, तो वह लडका/लडकी की कुंडली और साथ में फोटो लेकर आता है. पहले यह कुंडलियों की जाँच की जाती है. अगर कुंडलियों का मेल ठीक लगे, फिर ही लड़के वाले लड़की से मिलने जाते हैं. इस तरह कुंडलियों का भारतीय विवाह के रीति-रिवाज में बहुत माना जाता है. इसी तरह कोई भी नए काम के शुरुआत में ज्योतिष की राय ली जाती है, चाहे वह पारिवारिक मामला हो या व्यापारी.

ज्योतिषी सदियों से चला आ रहा है. यह हिंदू तिथिपत्रीका के अनुसार काम करता है. जाहिर है, हिंदू इसे बहुत मानते हैं. ज्योतिषी का प्रभाव उतना ही गहरा है जितना लोगों पर धर्म और ईश्वर भक्ति पर है. इसके अलावा, हाथ की रेखाओं और चेहरे से भविष्य पता करना, यह भी बहुत प्रचलित है. ऐसे भविष्य बताने वाले व्यक्ति अकसर बंजारे होते हैं. इनमें से सबसे मज़ेदार वे होते हैं जो अपने तोते से भविष्य बुलवाते हैं. ये बंजारे गली-गली अपने तोते और कुछ काग़ज़ों के साथ घूमते हैं. जब कोई उनके पास अपनी भविष्य सुनने आता है, तब बंजारा अपने काग़ज़ तोते के सामने रखता है. तोता उन में से एक चुनता है, और यह काग़ज़ उस व्यक्ति के भविष्य का सार बताता जाता है.

अब नए तरीके निकले हैं जो भविष्य बताते हैं और ये हर दिन और प्रचलित होते जा रहे हैं. न्यूमरोलोजी इसका एक अच्छा उदाहरण है. फिर भी जो प्राचीन काल से चला आने वाला ज्योतिष अब तक सबसे ज्यादा प्रिय है.

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